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नलकूप बदहाल और नहर बेकार,किसानों के सामने सिंचाई का संकट

नलकूप विभाग 69 राजकीय नलकूपों के संचालित होने का दावा कर रहा है, करीब दर्जन भर नलकूप खराब

इटियाथोक,गोंडा।फसलों की सिंचाई के नाम पर लाखों रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जा रहे हैं लेकिन, इसका फायदा किसानों को नहीं मिल रहा है।नलकूप व नहर दोनों किसानों के लिए बेकार साबित हो रही है। किसान निजी संसाधनों के सहारे खेती-किसानी में जुटा है।भीषण गर्मी के बीच इटियाथोक विकासखंड से गुजरने वाली सरयू नहर सूखी हुई हैं, जिससे न केवल सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है, बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी पानी की भारी किल्लत हो गई है। यही नहीं, जिन नलकूपों के सहारे फसलों की सिंचाई होती थी। उन नलकूपों के अधिकांश नालियां व कुलाबे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।इससे किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है।सिंचाई व नलकूप विभाग के अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।

 

*69 नलकूपों का दावा*

इटियाथोक क्षेत्र में किसानों के फसलों की सिंचाई के लिए नलकूप विभाग 69 राजकीय नलकूपों के संचालित होने का दावा कर रहा है।एक अधिकारी के मुताबिक यहां करीब दर्जनभर नलकूप खराब है।कहीं मोटर में तकनीकी गड़बड़ी है,तो कहीं बिजली समस्या।इनकी मरम्मत के लिए बजट की दरकार है।अधिकांश नालियां व कुलाबे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। नालियों को जंगली घासों ने जकड़ रखा है।इससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है।

*नहरों से किसानों की टूटी आस*

यहां ब्लॉक क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग के फाइलों में चौदह माइनर, एक रजवाहा व सैकड़ों किलोमीटर लंबी नहरों का दावा कर रहा है लेकिन, इन नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। किसान गन्ना आदि फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहा है।विभाग के अवर अभियंता महेंद्र कनौजिया का कहना है, कि नहरों में जल्द ही पानी छोड़ा जाएगा।(रिपोर्ट नागेश्वर सिंह )

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