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मासूम बेटियों के सिर से उठा बाप का साया,समाजिक संगठनों ने मदद को बढ़ाया हाथ…
हाईकोर्ट के अधिवक्ता गणेश नाथ मिश्र ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा

इटियाथोक। महज छह साल की सौम्या और पांच माह की मान्या को शायद ही इस बात की अभी समझ हो, कि जिस पिता की वह लाडली थी, वह अब इस दुनिया और उसे छोड़कर सदा के लिए चले गए हैं। बेटी के सिर से बाप का साया उठ चुका है, तो मां छाया उर्फ नेहा की आंखें रो-रोकर पथरा सी गई हैं।यह सोचकर कि कैसे वह अपने दिल को समझाए कि हमेशा की तरह उसका पति अरूण जो यह कहकर चंडीगढ़ शहर गया था कि वह कुछ महीनों बाद ही लौट आएगा, अब कभी नहीं आएगा। छाया कहती हैं कि यह खबर सुनने से पहले उसे मौत क्यों नहीं आ गई।इटियाथोक थाना क्षेत्र के करूआ पारा गांव निवासी अरुण तिवारी की बीते दिनों पंजाब प्रांत के चंडीगढ़ शहर स्थित एक होटल में चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस हृदयविदारक घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।मृतक अरूण की पत्नी छाया बताती हैं,कि सब कुछ हंसी खुशी से गुजर रहा था कि पता नहीं किसकी नजर उनके परिवार को लग गई।अरूण अकेला ही परिवार का भरण-पोषण करता था।इसके अलावा उनका कमाई का कोई और दूसरा साधन नहीं था।छाया को अब इस बात की चिंता है कि अब उसे और उसकी दो मासूम बच्चियों को कौन संभालेगा। कौन उनकी जिम्मेदारी लेगा।

*हाईकोर्ट के अधिवक्ता गणेश नाथ मिश्र ने हरसंभव मदद का दिया भरोसा*
